हिंदी प्राथमिक परीक्षा, कक्षा-5 वीं सेम्पल प्रश्न-पत्र सेट-III

प्राथमिक परीक्षा, कक्षा-5 वीं

सेम्पल प्रश्न-पत्र सेट-III 

विषय - हिंदी

समय : 2.00 घण्टे

पूर्णांक : 40

निर्देश- 1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।

2. प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न पर 1 अंक है।

3. प्रश्न क्रमांक 6 से 10 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न पर 3 अंक है।

4. प्रश्न क्रमांक 11 से 15 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न पर 4 अंक है।

सही विकल्प चुनकर लिखिए -

प्रश्न 1. नौ सेना रक्षा करती है-

(अ) समुद्री सीमाओं की

(ब) थल-सीमा की

(स) वायु मार्ग की

(द) सड़क मार्ग की।

प्रश्न 2. गंगा के तट पर कौन रहते थे-

(अ) ऋषि

(ब) राजा

(स) नाविक

(द) बुढ़िया।

प्रश्न 3. जेब्रा क्रासिंग किसके लिए होता है -

(अ) पैदल चलने वालों के लिए

(ब) सायकल में चलने वालों के लिए

(स) गाड़ी में चलने वालों के लिए

(द) जानवरों के लिए।

प्रश्न 4. कुतुबमीनार की. .......... देखते हुए नंदा पीछे लुढ़क गई थी -

(अ) लंबाई

(ब) चौड़ाई

(स) ऊँचाई

(द) गोलाई।

प्रश्न 5. विवेकानंद आश्रम के स्थापना कोन करिस -

(अ) स्वामी विवेकानंद

(ब) स्वामी रामकृष्ण

(स) स्वामी आत्मानंद 

(द) स्वामी रामदास ।

उत्तर- 1. (अ), 2. (अ), 3. (अ), 4. (स), 5. (स) ।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 6. सुनीता को दुकानदार का व्यवहार क्यों बुरा लगा ?

उत्तर- सुनीता अपना काम स्वयं कर सकती थी और बिना माँगे सहायता करने के कारण उसे दुकानदार का व्यवहार बुरा लगा।

प्रश्न 7. भारतीय सैनिक किसलिए विख्यात हैं?

उत्तर- भारतीय सैनिक अपनी बहादुरी, और अनुशासन-प्रियता के लिए विख्यात हैं।

प्रश्न 8. बालक मोहन ने कौन-सा शब्द गलत लिखा था ?

उत्तर-बालक मोहन ने कैटल शब्द गलत लिखा था।

प्रश्न 9. “बाबा अंबेडकर को किस नाम से जाना जाता है ?

उत्तर - "बाबा अंबेडकर को डॉ. भीमराव अम्बेडका के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 10. जंगल में कोन रहिन ? (जंगल में कौन थे ?)

उत्तर-जंगल में हमर पुरखा मन रहिन। (जंगल में हमारे पूर्वज लोग थे।)

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 11. भूमकाल आन्दोलन का क्या असा हुआ ?

उत्तर - भूमकाल आन्दोलन के अन्तर्गत बस्तर का पुसवाल बाजार लूटा गया इससे एक भूचाल-सा आ गया। पुलिस थाने लूटे गये, शोषकों को मारा गया। इस विद्रोह की आग देखते ही देखते पूरे बस्तर में फैल गई।

प्रश्न 12. सड़क पर स्पीड ब्रेकर क्यों बनाए जाते हैं?

उत्तर-सड़क पर स्पीड ब्रेकर इसलिए बनाए जाते हैं क्योंकि इससे वाहनों के स्पीड में कमी हो जिससे दुर्घटना होने की संभावना कम हो जाये।

प्रश्न 13. मुसवा ह कऊँवा ल मितान काबर नइ बनावँव कहिस ? (चूहे ने कौआ को मित्र नहीं बनाऊँगा, क्यों कहा?)

उत्तर-मुसवा ह कऊँवा ल मितान नइ बनावँव एकर सेती कहिस कि कऊँवा अउ मुसवा एक साथ नइ रहि सके। काबर कि मुसवा अउ कऊँवा म तो जनमजात दुस्मनी हे फेर वो कइसे कऊँवा ल अपन मितान बनातीस । (चूहे ने कौआ को मितान नहीं बनाऊँगा इसलिए कहा, क्योंकि कौआ और चूहा एक साथ नहीं रह सकते। दोनों में जन्मजात दुश्मनी है फिर वह कौआ को मित्र कैसे बना सकता था।)

प्रश्न 14. लकड़हारे ने वृक्ष के कोटर में रहने वाले तोते से कहा- "तुम इस वृक्ष से चले जाओ, मैं इसे काटूंगा।" तोते ने कहा- "यह वृक्ष हमारा मित्र है। इसी के कोटर में मेरा जन्म हुआ है। इसकी छाया तले रहकर, फल-फूल खाकर बड़ा हुआ हूँ। इसने बारिश-आँधी से मेरी रक्षा की है। सुख-दुख में मेरा साथ दिया है। आज जब यह बूढ़ा हो गया तो आप इसे काटना चाहते हैं। इस संकट में मैं इसका साथ कैसे छोड़ सकता हूँ ? अगर आपको इसे काटना ही है, तो पहले मुझे काटिए। मैं इस वृक्ष को छोड़कर कहीं नहीं जाऊँगा।" तोते की बात सुनकर लकड़हारे ने वृक्ष को नहीं काटा।

1. इस कहानी का शीर्षक लिखिए।

उत्तर- वृक्ष जीवन का वरदान है।

2. इस कहानी के पात्रों का नाम लिखिए।

उत्तर- लकड़हारा और तोता।

3. इस कहानी की समस्या क्या है ?

उत्तर- लकड़हारे द्वारा वृक्ष को काटा जाना।

4. इस कहानी के समस्या का समाधान कैसे हुआ।

उत्तर- तोते द्वारा मिन्नत करना कि इस वृक्ष को काटा न जाये।

प्रश्न 15. पुस्तक मँगाने के लिए पत्र लिखिए।

उत्तर-

प्रति,

                         नवबोध प्रकाशन,

                     बजरंग नगर, समता कॉलोनी, रायपुर

महोदय,

कृपया आप निम्नलिखित पुस्तकें उचित कमीशन काटकर निम्नलिखित पते पर व्ही. पी. पी. द्वारा भेजें।

पुस्तकें                                  प्रतियाँ

1. गणित प्रवेश भाग-5                 2

(छ.ग. पाठ्य-पुस्तक निगम)

2. बाल भारती भाग-5                    2

(छ.ग. पाठ्य-पुस्तक निगम)

3.नवबोध नवनीत कक्षा-5                 4

(नवबोध प्रकाशन, रायपुर)

कुल पुस्तकें                            8

धन्यवाद !

दिनांक 07-07-2024


                                          आपका विश्वासी

                                             मनोज झा

मेरा पता-मनोज झा

बिलासपुर (छ.ग.)

अथवा, पिताजी को पत्र लिखिए।

उत्तर-

                                     निकुंज निवास, शान्ति नगर,                                                   रायपुर

                                          दिनांक 09-07-2024

पूजनीय पिताजी,

सादर प्रणाम !

मैं कुशल से ह तथा आपकी कुशलता की कामना ईश्वर से सदा करता रहता हूँ।

           मुझे छात्रावास में जगह मिल गयी है। मेरे साथी अच्छे हैं। छात्रावास के अधीक्षक मुझे बहुत प्यार करते हैं।मुझे छात्रावास का शुल्क पटाने के लिए 50 रुपये की जरूरत है। कृपया धनादेश द्वारा शीघ्र भेजें।

शेष अगले पत्र में।

                                        आपका स्नेहाकांक्षी

                                                मनोज

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