श्रीकृष्ण और भारतीय पर्यावरण-दर्शन : एक सांस्कृतिक विमर्श भा रतीय दर्शन में पर्यावरण कोई बाहरी विषय नहीं, बल्कि जीवन की आत्मा है। प्रकृति और पुरुष, ज…
श्यामवर्ण : सौंदर्य नहीं, ईश्वरीय शाश्वतता का प्रतीक भारतीय सभ्यता में सौंदर्य की परिभाषा कभी केवल त्वचा के रंग तक सीमित नहीं रही। यहाँ सौंदर्य का मू…
बोर्ड परीक्षा से पहले बच्चों के ऊपर परीक्षा के दबाव को कैसे कम किया जा सकता है?? परीक्षा का समय बच्चों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यह सम…
“डिग्री और चूल्हे के बीच खड़ी एक शिक्षिका” मेरी शिक्षिका बहनों को समर्पित लोग कहते हैं— अध्यापिका की नौकरी आसान होती है, छुट्टियाँ ज़्यादा होती हैं।…
रिश्तों की अहमियत को पहचाने अपने व्यवहार में बदलाव लाएं क्या आपने कभी गौर किया है कि अच्छे से अच्छा रिश्ता भी अचानक क्यों टूट जाता है? जवाब शायद आपक…
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