विज्ञान कक्षा छठवीं अध्याय 2 हमारा पर्यावरण/Hamara Paryavaran

 Hamara Paryavaran  हमारा पर्यावरण



अभ्यास के प्रश्न

प्रश्न 1. दिए गए जीव जंतुओं की सहायता से कम से कम तीन खाद्य श्रृंखलाएं बनाइए।

घास, शेर, गाय, छोटी मछली, भेड़िया, लोमड़ी, मोर, गिद्ध, बाज, कौआ, मेंढक,टिड्डा, जलीय कीट, बड़ी मछली, बगुला, सांप, नेवला, शैवाल (काई), हरे पेड़ पौधे।

उत्तर- ( 1 ) खाद्य श्रृंखला 

घास → टिड्डा , मेढक → साँप → मोर ।

(2) खाद्य श्रृंखला शैवाल ( काई ) - जलीय कीट → छोटी मछली → बड़ी = मछली → गिद्ध।

(3) खाद्य श्रृंखला हरे पेड़ पौधे → गाय → शेर 

प्रश्न 2. खाद्य श्रृंखला को पूर्ण कीजिए -

( 1 ) हरी घास → टिड्डा →  मोर। 

( 2 ) पौधे → खरगोश → भेड़िया। 

(3) शैवाल ( काई ) → मछली → बगुला।


 प्रश्न 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

1. पर्यावरण क्या है ? 

उत्तर - हमारे चारों ओर कई प्रकार की चीजें पाई जाती हैं जैसे - हवा , पानी , मिट्टी , पौधे , जन्तु आदि । इन सबसे मिलकर हमारा पर्यावरण बनता है , इन्हें पर्यावरण के घटक कहते हैं । पर्यावरण के घटक दो प्रकार के होते हैं - सजीव व निर्जीव । 

2. उत्पादक और उपभोक्ता में क्या अंतर है ? 

उत्तर - उत्पादक - ऐसे जीव जो अपना भोजन स्वयं बना सकते हैं , उत्पादक कहलाते हैं । उदाहरण - हरे पौधे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं । अत : इन्हें उत्पादक कहा जाता है । उपभोक्ता - जो जीव अपने भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं , उन्हें उपभोक्ता कहते हैं । उदाहरण - जंतुओं को पौधे एवं अन्य जंतुओं का उपभोग करना पड़ता है । अतः जंतुओं को उपभोक्ता कहते हैं । 

3. सजीव तथा निर्जीव परस्पर एक - दूसरे पर निर्भर हैं , स्पष्ट कीजिए?

उत्तर - पौधे एवं जन्तु सजीव घटक है । वायु , जल , मिट्टी , प्रकाश आदि निर्जीव घटक है । सजीव एवं निर्जीव घटक मिलकर पर्यावरण बनाते हैं । सजीव दो प्रकार के होते हैं - पौधे और जन्तु । पौधे निर्जीव घटक वायु , जल , मिट्टी तथा प्रकाश से अपना भोजन बनाते हैं । पौधों से शाकाहारी जन्तु अपना भोजन प्राप्त करते हैं और इन शाकाहारी जन्तुओं को मांसाहारी अपना भोजन बनाते हैं । इस प्रकार सजीव तथा निर्जीव एक - दूसरे पर निर्भर हैं । 

4. खाद्य श्रृंखला से आप क्या समझते हैं ? लिखिए ।

 उत्तर - कौन किसको खाता है यह पूर्ण प्रक्रिया खाद्य श्रृंखला कहलाती है । प्रकृति में कई खाद्य - श्रृंखलाएँ हैं । 


जैसे - टिड्डा घास को खाता है , मेढक टिड्डे को खाता है , साँप मेढक को खाता है और मोर साँप को खाता है । यह एक भोजन श्रृंखला है । 

5. यदि कम वर्षा हो तो क्या होगा ? 

उत्तर - यदि कम वर्षा हो तो उस क्षेत्र के कुओं , तालाबों में पानी का स्तर कम हो जायेगा । वाष्पन के कारण भूमि से लगातार पानी की हानि होती रहती है जिसके कारण मिट्टी सुख जाती है । वर्षा कम होने से खाद्यान्न एवं चारा प्राप्त करना कठिन हो जाता है ।

प्रश्न 4. संक्षिप्त जानकारी दीजिए -

( अ ) वायु प्रदूषण , ( ब ) जल प्रदूषण , ( स ) ध्वनि प्रदूषण ,  (द ) वृक्षारोपण , (इ) वन एवं वन जीव संरक्षण , ( फ ) अतिवर्षा से हानियाँ ।

(अ) वायु प्रदूषण - कारखानों तथा घरों में लकड़ी , कोयला , गैस तेल आदि जलाए जाते हैं । ये ईंधन धुआँ उत्पन्न करते हैं । यह धुआँ हानिकारक गैसों तथा सूक्ष्म कणों से भरा होता है । इनसे वायु प्रदूषित ही जाती है। मोटर-ग़ाफ़ियों एवं चलने वाले अन्य वाहनों का धुआं भी वायु को प्रदूषित करता है। प्रदुषित वायु में साँस लेने से कई प्रकार के फेफड़े एवं गले के रोग हो जाते हैं।

 (ब) जल प्रदूषण - हम जल का उपयोग कपड़े धोने , नहाने तथा अन्य कई कार्यों में करते हैं । इससे जल गंदा हो जाता है । कई नगरों में गंदे पानी या नाले के पानी को नदियों या झीलों में बहा दिया जाता है । वे अपने जानवरों को भी इन्हीं जगहों में नहलाते हैं । कई बार जन्तु जल - स्रोत में या उसके आस - पास मल त्याग भी करते हैं , जिससे जल प्रदूषित हो जाता है । यह प्रदूषित पानी कई बीमारियों को जन्म देता है । 

( स ) ध्वनि प्रदूषण - शोर भी एक प्रकार का प्रदूषण है । रेडियो , टेलीविजन , मोटर गाड़ियों के हार्न , जेट हवाई जहाज आदि से तेज आवाज या ध्वनि निकलती है । यदि लगातार तेज आवाज कानों पर पड़ती रहे तो इससे मनुष्य के सुनने की क्षमता कम हो जाती है या बहरा हो जाता है । ध्वनि प्रदूषण का स्वास्थ्य पर भी खराब प्रभाव पड़ता है । मनुष्य चिड़चिड़ा हो जाता है , उसे सिरदर्द , चक्कर आना आदि बीमारियाँ हो सकती हैं । 

(द) वृक्षारोपण - वनों की कटाई से वन्य जीवों का जीवन असुरक्षित हो गया है , जैसा कि हम जानते हैं कि प्रत्येक क्षेत्र में एक खाद्य श्रृंखला चलती है । इस खाद्य श्रृंखला से कोई भी जीव हट जाए तो खाद्य श्रृंखला टूट जाती है , इससे प्राकृतिक असंतुलन उत्पन्न हो जाता है । प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए वनों की कटाई नहीं करनी चाहिए तथा वृक्षारोपण किया जाना चाहिए।

( इ ) वन एवं वन्य जीव संरक्षण - मनुष्य अपनी आवश्यक ताओं की पूर्ति के लिए लगातार वनों की अंधाधुंध कटाई कर रहा है , जिससे हमारा प्राकृतिक पर्यावरण नष्ट होता जा रहा है तथा है मनुष्य प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से वन एवं वन्य जीवों को भी हानि पहुँचा रहा है । वनों की कटाई से वन्य जीवों का जीवन असुरक्षित गया है , जिससे प्राकृतिक असंतुलन उत्पन्न हो गया है । प्रकृति में संतुलन बनाये रखने के लिए वनों की कटाई नहीं करना चाहिए । वृक्षारोपण किया जाना चाहिए । वन और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए अभ्यारण्य व राष्ट्रीय उद्यान बनाए जाने चाहिए । 

( फ ) अतिवर्षा से हानियाँ - भारी वर्षा से नदी , नालों में पानी का स्तर बढ़ जाता है और यह फैलकर बाढ़ का रूप ले लेता है । बाढ़ से फसलों , पशुओं तथा मानव सम्पदा को हानि पहुंचती है और जब बाढ़ का पानी उतर जाता  तो बहुत से जलजीव कीचड़ में फँसकर मर जाते हैं।इस समय बहुत से रोग के रोगाणु भी उत्पन्न होते हैं जो कई बीमारियां फैलाते हैं।

प्रश्न 5. आस - पास शाकाहारी जाने दो - दो शाकाहारी , मांसाहारी जन्तुओं के नाम लिखिये । 

उत्तर - शाकाहारी जन्तु - गाय, बकरी। 

 मांसाहारी जन्तु – मेढक, छिपकली।

प्रश्न 6. छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले पक्षियों एवं  सर्पों की प्रजातियों के नाम लिखिये।

उत्तर - छत्तीसगढ़ राज्य में जाने के लिए पक्षियों के प्रजातियों के नाम - पहाड़ी मैना, कोयल, दूधराज,  मोर, बगुला आदि।  छत्तीसगढ़ राज्य में जाने वाले सर्पों की प्रजातियों के नाम - नाग , करैत , अजगर , धामन आदि । 

प्रश्न 7. वन्य जीव की सुरक्षा के उपाय लिखिये।

उत्तर - वन्य जीव की सुरक्षा के लिए वनों की कटाई  नहीं करना चाहिए।  अभ्यारण और राष्ट्रीय  उद्यान को बनाए जाना चाहिए। 

प्रश्न 8. बुधराम के  अनुसार काला धुआं छोड़ने वाले वाहनों के चालकों पर जुर्माना किया जाना चाहिए इस पर आप अपनी सहमति या समिति कारण सहित बताइए?

उत्तर - बुधराम के अनुसार काला धुआं छोड़ने वाले चालकों पर जुर्माना होना चाहिए ,क्योंकि यह काला धुआं वायुमंडल में मिलकर वायुमंडल को प्रदूषित कर देता है, जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

प्रश्न 1.खाद्य जाल किसे कहते हैं? 

उत्तर -प्रत्येक जीव एक से अधिक जीवो को भोजन के रूप में खाता है तोइसका एक ही जीव कोई जी खाद्य श्रृंखला में रह सकता है ,जिससे कई खाद्य श्रृंखला आपस में जोड़कर एक जाल बना लेती है । 





प्रश्न 2. क्या होगा यदि खाद्य- श्रृंखला की एक कड़ी अनुपस्थित हो जाए?

उत्तर -यदि खाद्य- श्रृंखला की एक कड़ी अनुपस्थित हो जाए तो उसका प्रभाव पूरी श्रृंखला  पर पड़ेगा, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाएगा ।

जैसे -यदि पक्षी  को नष्ट कर दिया जाए तो  कीटों का भक्षण करने के लिए कोई भी पक्षी नहीं रह जाएगा तब कीटों की संख्या में वृद्धि हो जाएगी कीटों की यह विशाल संख्या फसलों को नष्ट कर देगी, इसके फलस्वरूप फसलों पर निर्भर मनुष्य तथा अन्य विभिन्न जंतुओं पर कु- प्रभाव पड़ेगा। 

प्रश्न 3. प्रदूषण किसे कहते हैं?

उत्तर- कोई भी प्रक्रम, जो वायु, जल और मिट्टी को सजीवों के लिए हानिकारक बनाता है ,उसे प्रदूषण कहते हैं। 

प्रश्न 4. मांसाहारी और सर्वाहारी में क्या अंतर है ?

उत्तर- मांसाहारी केवल दूसरे जंतुओं को खाते हैं ,जबकि सर्वाहारी पौधे और जंतु दोनों को खाते हैं।

प्रश्न 5. क्या होगा यदि जंगल के सभी इस मांसाहारी जंतु मार दिया जाए ?

उत्तर- कुछ ऐसे भी जन्तु पाए जाते हैं ,जो फसलों को हानि पहुंचाते हैं ।मांसाहारी जंतु उन्हें अपना भोजन बनाते हैं ।यदि जंगलों के सभी मांसाहारी जंतुओं को मार दिया जाए तो वैसे हानिकारक जंतु की संख्या में वृद्धि हो जाएगी ,जिससे जंगल की घास आदि समाप्त हो जाने पर भी गांव की फसल को खाना प्रारंभ कर देंगे ।जिससे मनुष्य को भी भोजन के लिए अन्न नहीं मिलेगा।

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